दो मित्रों की मित्रता :: विकुति
-____________ नरोत्तम और पुरुषोत्तम अत्यंत धनिष्ठ यानी तू- तड़ाक वाले मित्र हैं। दोनों लंगोटिया यार नहीं है ,क्योंकि इनकी मित्रता भारतीय हिसाब से तीसरे पन में हुई थी ,जो अभी चौथे पन में भी चल रही है। नरोत्तम पुरुषोत्तम से लगभग 4 साल छोटे हैं। नरोत्तम का मानना है कि उनकी मित्रता कृष्ण सुदामा जैसी है , यद्यपि दोनों ही राजा हैं। नरोत्तम केवल राजा है जबकि पुरुषोत्तम महा राजा है। यहां शीश पगा न झगा तन में-------, कोदो, संवा जूरतो भरि पेट तो—---" की स्थिति नहीं है। हां यह जरूर कहा जा सकता है कि नरोत्तम कोदो संवा को श्री अन्न मान कर, सुखे मेवों के साथ खाते हैं। दिन में तीन चार बार डिजाइनर कपड़े बदलते हैं। सबसे महंगा चश्मा, घड़ी का इस्तेमाल करते हैं। कीमती मोटर गाड़ियों और जहाज पर यात्रा करने का शौक रखते हैं। फिर भी नरोत्तम पुरुषोत्तम से गरीब माने जाते हैं। नरोत्तम भी मानते हैं कि गरीब बने रहने में ही भलाई है । अफसोस की बात है कि अभी पिछले दिनों बिना बात के बात उनके रिश्तों में कुछ खटास आ गई थी। बात इतनी सी थी कि कहां तो भक्तों सहित नरोत्तम, पुरुषोत्...